➤ कांगड़ा के कांग्रेस विधायकों ने सीएम सुक्खू को भेंट किया हल
➤ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले बजट प्रावधानों पर जताया आभार
➤ दूध और फसलों के MSP में बढ़ोतरी को बताया ऐतिहासिक कदम
शिमला: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के कांग्रेस विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात कर उन्हें हल भेंट किया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने किया। विधायकों ने वर्ष 2026-27 के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाले प्रावधानों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
विधायकों ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार सरकार ने अपने सीमित वित्तीय संसाधनों को गांव, गरीब और किसान केंद्रित योजनाओं के लिए प्राथमिकता दी है। उनका मानना है कि यह बजट न केवल जनोन्मुखी है, बल्कि आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला भी साबित होगा।
सरकार द्वारा किसानों और पशुपालकों को राहत देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 71 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है, जिससे डेयरी क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।
इसके अलावा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने गेहूं और जौ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्का का 50 रुपये प्रति किलोग्राम और हल्दी का 150 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। खास बात यह है कि अदरक को पहली बार MSP के दायरे में लाते हुए 30 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
विधायकों ने इन फैसलों को किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के ये निर्णय आने वाले समय में कृषि और पशुपालन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया सहित विधायक किशोरी लाल, आशीष बुटेल, संजय रत्तन, मलेंद्र राजन, कमलेश ठाकुर और संजय अवस्थी भी मौजूद रहे।



